जवानी…

जवानी बदली में निकली हुई धूप है,
जवानी आंधी से लड़ता हुआ दीया है,
जवानी पत्थरों को तोड़ती दी हुई नदी है,
जवानी जुल्म आगे तना हुआ सर है…

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