Uncategorized

नासमझ..

याद है तुम्हें,
तुमने कहा था,
की मैं नासमझ हूँ,
कितनी सच थी ना तुम..
देखो!
मैं आज भी समझ नही पाया,
‘खुद’ को..
सच ..
नासमझ हूँ मैं…

Standard