जरूरी है क्या?

प्रेम करना और बोलना, जरूरी है क्या,जब लोगो ने #प्रेम को,बोलना शुरू किया, प्रेम फीका होता चला गया, वो क्या #प्रेम ,जिसे जताना पड़े,करता हूँ मैं तुमसे ,बताना पड़े, प्रेम तो बस चेहरे पे, आंखों में , मुसकुराहट में,व्यवहार में दिख ही जाता हैं.. प्रेम को दर्शाने की जरूरत नही पड़ती… हमको पता होता है... Continue Reading →

मैं प्रेम में हूँ…

सिर्फ सभ्यता और व्यवस्था के बंधन के कारण तुम्हारे साथ हूँ, ऐसा नही है.... एक अनजाना सा लगाव है.. जो तुमसे दूर जाने ही नही देता.. तुम इसे प्रेम जैसा कुछ कहना चाहो, तो मैं तुम्हे सभ्यता के बंधनों से, मुक्त करता हूँ.. मैं प्रेम में हूँ...

दोस्त हो तुम मेरी …

दोस्त हो तुम मेरी , परम्पराओ, व्यवस्थाओं और समाज ने, तुम्हे मेरी पत्नी बना दिया…. पर सच कहूं? पति पत्नी के रिश्तों की SOP मुझे समझ नहीं आती…..

ब्रेकअप…

बहुत प्यार करती थी, वो मुझसे, वो रोज दिन में 2-3 बार मेरे मुह लगती, महफिले जमती, मैं भी उसे मुह लगाकर, बड़ा शान बघारता, पर मैं उससे कभी वो प्यार नही कर पाया, और धीरे धीरे सिगरेट ने मुझको छोड़ दिया.. आज एक महीने हो गए अपने ब्रेकअप को...... Photo by omar alnahi on... Continue Reading →

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