तन्हाई

फिर कहते हो तन्हाई है…

ये रातों का जगना तेरा,

ये तेरी बेपरवाही,

ये घंटो तक सोशल मीडिया,

पे टहलना तेरा,

कर देती है तुझको #तन्हा,

ये आस पास से,

ऊँघना तेरा,

सच्चाई से यूं,

भागना तेरा,

सबके बीच भी होकर,

तू रहता है कितना #तन्हा

कभी सोच की कितनी सच्चाई है ,

तन्हाई तेरी,

माँ से बात किये तुझको,

कितने ही दिन बीत गए,

और सोशल मीडिया पे तूने,

घंटो है बर्बाद किये,

फिर कहते हो तन्हाई है,

सच, तू कितना हरजाई है…

Standard
Uncategorized

साज़िश…

पूरे घर मे तुम्हारी साज़िश 
दिखती है… 
हर चीज मुझे , 
बस तुम्हारी याद दिलाती है…. 
डोरमैट से लेकर 
पर्दे तक, 
क़िताबो से लेकर 
वार्डरोब तक… 
जैसे सब बस 
तुम्हारी बात समझते है… 

जबसे तुम गयी हो, 
सब बेतरतीब से रहते है… 

मैं तन्हा हु ये कहते है… 

ये सब तुम्हारी शाजिश है 
मुझे अपनी याद दिलाने की ।। 

Photo by Artem Beliaikin on Pexels.com
Standard