Uncategorized

गुरुदेव

कहाँ हो?
कब तक इंतजार करू,
कब तक भटकू,
कभी इस डगर,
कभी उस डगर,
कौन बताये,
किस डगर,
मुझे मिलेगा वो
जिसे ढूढता हु मैं
इधर-उधर,

इससे पहले की,
ख़त्म हो जाय इस
जीवन का अध्याय

रख दो मेरे सर पे हाथ वही,
जो रखा था नरेंद्र के सर पे,

दे दो मेरे जीवन को
एक आयाम,
और मेरे रास्तो को मंजिल,

कहाँ हो,कहाँ हो

गुरुदेव!!–

Photo by Jens Johnsson on Pexels.com
Standard