तुम कब खुश हुए…

कैसे खुश होंगे तुम, इंसान जो हो.. तुम्हें तो आदत है ना, जो नही है वो मांगने की, जो है उसमें तुम कब खुश हुए, जो मिलता है वो तुम्हें चाहिए नही, जो मिला नही उसके लिए तुम , जान लगा दोगे.. धन्य हो तुम, हे मानव! Photo by rebcenter moscow on Pexels.com

दो समानांतर रेखाओं की कहानी…

आओ तुम्हे दो समानांतर रेखाओं की कहानी सुनाऊँ, हाँ वही रेखाएं, गणित के क्लास वाली, जो कभी नहीँ मिलती, कहीं नहीं मिलती अर्थात अनंत पे कहीँ... और जहाँ मिलती है, वहा दृष्टि का अंत है, उसने भी यही कहा था, उन दोनों के बारे में, की भूल जाओ मुझे,हम दोनों समानांतर रेखाएं है, तुम मेरे... Continue Reading →

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