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मैं सरल होना चाहता हूँ…

मैं सरल होना चाहता हूँ,

जैसा हूँ , हाँ बस ठीक वैसा ही,

बिना किसी बनावटीपन के

बिलकुल वैसा , जैसा हूँ मैं….

गुस्सा,क्षोभ, जलन, प्यार

सब आते जाते रहते हैं,

बुद्धिमत्ता,गवारपन,

सुंदरता , स्मार्टनेस

ये भी अस्थायी हैं…

मैं भी ऐसा ही हूँ ,

जैसे सब होते हैं….

ऐसे ही अपना लो मुझको,

शुद्ध , सरल अवस्था में,

क्यों मुझे कंप्लेक्सिसिटी की

उधेड़-बुन में ले जाना चाहती हो..

ऐसे ही अपना लो मुझको,

मैं सरल ही रहना चाहता हूँ।।

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