आत्मबल

सुनो!ये जो तुम हवा की दिशा में बह रहे हो,लक्ष्यहीन,सोचते हो बहुत बेफिक्रे हो,कूल और फैसिनेटिंग हो,रुको! सोचो..कही तुम्हारे अंदर उसकी कमी तो नही?हा वही

Continue reading

Rate this: