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जरूरी है क्या?

प्रेम करना और बोलना,

जरूरी है क्या,
जब लोगो ने #प्रेम को,
बोलना शुरू किया,

प्रेम फीका होता चला गया,

वो क्या #प्रेम ,
जिसे जताना पड़े,
करता हूँ मैं तुमसे ,
बताना पड़े,

प्रेम तो बस चेहरे पे,

आंखों में , मुसकुराहट में,
व्यवहार में दिख ही जाता हैं..

प्रेम को दर्शाने की जरूरत नही पड़ती…

हमको पता होता है कि,
कौन हमसे #प्रेम करता है,
एक एहसास के सिवा,
और क्या है #प्रेम

Photo by manu mangalassery on Pexels.com
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8 thoughts on “जरूरी है क्या?

  1. Anonymous says:

    प्रेम गहना है
    हृदय का,
    प्रेम भजन है
    आधारों का,
    प्रेम स्मृति चिन्ह है
    एहसासों का,
    प्रेम पूर्णता है
    एक अस्तित्व का।।

    आपकी रचना बहुत बेहतरीन है…👌

    Liked by 1 person

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