क्यों लिखूँ मैं…

क्यों लिखूँ मैं,

क्या लिखूँ मैं..

कौन अनपढ़,

है यहां,

किसको पढ़ायें,

कौन बहरा है यहां,

जिसको सुनायें..

सब यहां ,

जानबूझकर सोयें हुए है,

कौन है तन्हा यहां,

किसको जगाऍ…

Photo by Lum3n.com on Pexels.com

4 thoughts on “क्यों लिखूँ मैं…

Add yours

  1. कोई तो सच में अनपढ़ ना रहे ,
    कोई तो सच में बहरा ना रहे ,
    कोई जानबूझकर ना सोये,
    इसी आशा के साथ ,
    लिखते रहना चाहिए ।
    बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति है ।👌🏼😊👏

    Liked by 1 person

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

A WordPress.com Website.

Up ↑