मौन

सब कुछ लिखा नही जा सकता,असहायता की भाषा मौन होती है..बहुत से अहसास शब्दों से परे है,चाहे वो नितांत सुख की अनुभूति हो,निःस्वार्थ प्रेम हो,या किसी अपने का चले जाना,कलम हमेशा असहाय ही रही,दुख बांटा नही जा सकता,यह एक नितांत व्यक्तिगत विषय है।

जरूरी है क्या?

प्रेम करना और बोलना, जरूरी है क्या,जब लोगो ने #प्रेम को,बोलना शुरू किया, प्रेम फीका होता चला गया, वो क्या #प्रेम ,जिसे जताना पड़े,करता हूँ मैं तुमसे ,बताना पड़े, प्रेम तो बस चेहरे पे, आंखों में , मुसकुराहट में,व्यवहार में दिख ही जाता हैं.. प्रेम को दर्शाने की जरूरत नही पड़ती… हमको पता होता है... Continue Reading →

अपना कोई कोना..

अब चाह नही अपने कोने की, कुछ पाने की,कुछ खोने की, मोह पाश सब टूट चुका अब, दुनियां पीछे छूट चुका अब, अब अपना कोना, अपने अंदरजब से मन ये हुआ कलंदर... अब चाह नही अपने कोने की, कुछ पाने की, कुछ खोने की। Photo by Julia M Cameron on Pexels.com

तुम कब खुश हुए…

कैसे खुश होंगे तुम, इंसान जो हो.. तुम्हें तो आदत है ना, जो नही है वो मांगने की, जो है उसमें तुम कब खुश हुए, जो मिलता है वो तुम्हें चाहिए नही, जो मिला नही उसके लिए तुम , जान लगा दोगे.. धन्य हो तुम, हे मानव! Photo by rebcenter moscow on Pexels.com

आंखें..

पहले मैं सुन लेता था आंखों को,अब आंखों ने बातें करना छोड़ दिया… लड़ती थी, शरमाती थी झुक जाती थी,अब आंखों ने झुकना लजाना छोड़ दिया।

प्यास का मंज़र ये है अब,या तो समंदर चाहिए या कुछ भी नही… शुभ रात्रि💐

जिंदगी ऐसी भी होती है…

जिंदगी ऐसी भी होती है,वैसी भी होती है,जितनें लोगजितनें पलजितनी जगहें,जितनी सोच,जितना नज़रियाजितने सपनें,जितनी सफलता,जितनी हार,जितनी नफरतें,जितना प्यार,जितनी गरीबीजितना अत्याचार,जितनी अव्यवस्था,जितनी सरकार, ये जितने , जितने हैजिंदगी उस हरजगह है….उतने रंग है जिंदगी के….सब जी लो,बिना शिकवाबिना शिकायत..

मैं कुछ कहना चाहता हूँ..

हम कुछ भी नहीं,जो हैं, जैसे हैं, जहाँ हैं,सबकी वजहवह एक शख्स हैं,जिसे हम पापा कहते हैं,जिसने हमे बनाने मेंखुद के सपनेइच्छाये,ऐसो आराम,सब एक तरफरख दिए। शब्दों की कमी पड़ जाती हैजब मैं कुछ लिखना, बोलना चाहता हूँ, बस यही कहकर विराम देता हूँ…

शहर का वो कोना…

हर शहर में वो एक कोना होता है जो बिल्कुल शांत,निर्जन और एडवेंचरस होता है, ऐसे कोने ढूंढना अच्छा लगता है मुझे।करनाल में ऐसे कई कोने है,ये एक ऐसा शहर है जिसे मैंने पैदल और सायकिल से एक्सप्लोर किया है।ऐसे ही किसी जगह पे बैठा लिख रहा हूँ, पीछे की तरफ नहर है जो अभी... Continue Reading →

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